Thursday, July 7, 2022

कहानी उस लड़की की, जो जंगल से लौटी तो महारानी बन गई

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भारत पर 200 सालों तक राज करने वाले ब्रिटेन की कमान हमेशा से वहां की प्रिसेंस एलिजाबेथ के शाही परिवार के हाथों में रही है। आज भी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्वीन एलिजाबेथ से मिलकर उन्हें देश के हालातों के विषय में बताते हैं। वे रानी को उनके साम्राज्य के हालातों से रूबरु करवाते हैं। हालांकि, देश के कामकाजों में शाही परिवार सीधे-तौर पर दखलअंदाज़ी नहीं कर सकता है।

युवा उम्र की राजकुमारी से लेकर इस उम्र तक क्वीन एलिज़ाबेथ ब्रिटेन के शाही परिवार की अगुआ है। 95 साल की हो चुकी क्वीन के बारे में कहा जाता है कि उन्हें खुद को उम्रदराज कहलाना पसंद नही है

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1926 में हुआ था जन्म

हाल ही में ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ ने अपना 96वां जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया था। उनका जन्म 21 अप्रैल 1926 को ब्रिटेन के तत्कालीन शासक किंग जॉर्ज 6 के घर हुआ था। वे अपने पिता की इकलौती संतान थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किंग जॉर्ज फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें अपनी मौत का डर हर वक्त सताता रहता था इसलिए उन्होंने अपनी बेटी राजकुमारी एलिजाबेथ की शादी प्रिंस फिलिप के साथ कर दी थी।

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महारानी एलिजाबेथ के जीवन से जुड़े तमाम किस्से अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं। इन्हीं में से एक है उनके राजकुमारी से महारानी बनने का वाक्या।

पिता की मौत

खबरों के मुताबिक, राजकुमारी एलिजाबेथ आज से ठीक 70 साल पहले अपने पति प्रिंस फिलिप के साथ केन्या के एबरडेयर्स जंगलों में छुट्टियां मनाने के लिए गई हुई थीं। उस वक्त वे जवान थीं और उनकी उम्र 25 वर्ष थी।

6 फरवरी 1952 की रात को राजकुमारी एलिजाबेथ अपने पति प्रिंस फिलिप के साथ पेड़ों पर बने लॉज में पहुंची थीं। यहां उन्होंने रात गुजारी थी। सुबह उन्हें राजदूतों के जरिये खबर प्राप्त हुई थी कि उनके पिता किंग जॉर्ज अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह बात सुनकर उनके होश उड़ गए थे।

पेड़ से उतरीं तो बन गईं रानी

मशहूर शिकारी जिम कॉर्बेट ने इस घटना का जिक्र करते हुए एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि जिस वक्त एलिजाबेथ पेड़ पर चढ़ी थीं उस समय वे एक राजकुमारी थीं लेकिन सुबह जब वे पेड़ से उतरीं तो वे महारानी बन चुकीं थीं। इसी बात को लेकर पेड़ों पर बना यह होटल आज भी प्रसिद्ध है।

2 जून 1953 को आधिकारिक तौर पर एलिजाबेथ को साम्राज्य की नई महारानी के रुप में स्वीकार किया गया था। उनका राज्याभिषेक किया गया था।

जानवरों से है बहुत लगाव

बताया जाता है कि क्वीन एलिजाबेथ कभी स्कूल नहीं गईं। उनकी सारी शिक्षा उनके घर पर ही हुई। उन्हें बचपन से जावनरों से लगाव था। यही वजह थी कि आगे चलकर वे घोड़ों की रेस में पैसे लगाने के लिए मशहूर हो गईं।

7 दशक से कर रही है ब्रिटेन पर राज

जब एलिजाबेथ के पिता किंग जार्ज का निधन हुआ तब एलिजाबेथ की उम्र सिर्फ 25 साल थी। 6 फरवरी 1952 से लेकर अब तक ब्रिटेन की महारानी है । इस हिसाब से इन्हें ब्रिटेन की महारानी बने हुए 7 दशक से अधिक का समय बीत गया है। जब एक युवा लड़की शाही परिवार की प्रमुख बनी जिसके अंतर्गत दर्जनों देश थे तब दुनियां की नजर उन पर टिकी थी । उन्होंने अनेको विवादों को अपने दम पर हल किया और दुनियां पर प्रभाव छोड़ा

चट्टान की तरह किया मुश्किलो का सामना

ब्रिटेन में शाही परिवार सरकार के काम मे ज्यादा दखलंदाजी नही करता । लेकिन फिर भी पूरे देश की नजर शाही परिवार पर रहती है । शासन के साथ नैतिक जिम्मेदारी भी है । ऐसे में उनके सामने भी कई मुश्किलें आयी जिनका सामना उन्होंने चट्टान की तरह सामने रहकर किया । इनमे पारिवारिक मामले भी रहे है ।

ऐसे में एक महारानी के तौर पर उनके निर्णयों पर सबकी नजर रहती है । उनकी बहन की शादी हो या प्रिंस चार्ल्स की प्रिंसेस डायना के साथ शादी । इन दोनों निर्णयों पर उनके सामने बड़ी मुश्किले पैदा हुई । वे लगातार शाही परिवार के नियमो का पालन करती रही ।

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