Tagged: women empowerment

हिन्दी कहानी , गीताली सैकिया , लेखक क्लब , hindi story lekhak club geetali saikia 0

एक बार हमारे जूते में पैर रखिये, पहन कर चलिए, फिर घावों का इलाज़ बताइयेगा

गांधी जी चंपारण नहीं पहुँचते तो शायद अपना पहला सत्याग्रह नहीं शुरू कर पाते. ग्राउंड जीरो पर किसानों की समस्या का स्वयं अनुभव करने के बाद ही वह अपनी बातों को पुख्ता तरीके से...

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माना कि बाजार है ,मगर बाजारीकरण के बहाने अपनी यौन फंतासियो को क्यों बेच रहे हो?

यह तो बिल्कुल पल्ले दर्जे की नीचता हुई कि ऐशट्रे में स्त्री की वजाइना में सिगरेट की राख झाडी जाये। बडी घिनौनी हरकत यह है की स्त्री के मुहँ के आकार का टाँयलेट बनाकर...

womens day , women empowerment ,महिला दिवस , महिला शशक्तिकरण 0

हक तुमने बुर्के में मांग कर देखा बिकनी में भी… छीन क्यों नहीं लेती पिछवाड़े पर दो लात मार कर!

एक लॉलीपॉप दे दिया गया है महिला दिवस का तुम्हें और चहक उठी हो तुम ये तुम्हारा दिन है, सम्मान है महानता है । औकात भुला कर तुम पर थूकने वाले हक दे रहे...