sushobhit saktawat सुशोभित सक्तावत

फ़ेसबुक को सुशोभित सक्तावत से डर क्‍यों लगता है ?

साथियो, मेरा नाम सुशोभित सक्‍तावत है और मैं नफ़रत का सौदागर नहीं हूं ! मेरा केवल एक ही दोष है : बेईमानी के बियाबान में जितनी घास नहीं उगती, उससे ज़्यादह सवाल मेरे ज़ेहन में उगते हैं! लेकिन यही तो मुसीबत है कि सवालों के जवाब नहीं हैं, उल्टे सवाल पर सवाल हैं! “सवाल पर […]

बंगाल दंगे , bengal riots

बंगाल में उन्हें “सिविल राइट्स” नहीं अपना एक “इस्‍लामिक स्‍टेट” चाहिए

बशीरहाट तो बस झाँकी है बंगाल में जो हो रहा है उस पर किसको अचरज है ? केवल दो तरह के लोगों को : 1) वे जो इतिहास से अनजान हैं। 2) वे जो ख़ुशफ़हमी के शिकार नादान हैं। और बंगाल में जो हो रहा है उस पर कौन बात करने से कतरा रहा है […]

इजरायल इंडिया india israel

60 लाख यहूदियों के मरने के बाद उन्होंने पूछा- हमारा वतन कहाँ है ?

इज़रायल, इस्लाम और हम 1940 के दशक के बीच में अचानक हंगारी, पोलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्र‍िया के यहूदियों ने पाया था कि वे एक क़तार में खड़े हैं और क़तार ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। यहूदियों के घरों में “गेस्टापो” के जवान घुस जाते और कहते, “बाहर निकलकर क़तार में खड़े हो […]

hindustan हिंदुस्तान हिन्दुस्तान कश्मीर बंटवारा इस्लाम

आप पत्थर फेंकने सड़कों पर उतरे,लेकिन कभी नहीं कहा- इस्लाम बाद में हिंदुस्तान पहले

यहीं पर लाज़िम यहीं के मुस्ल‍िम द्रविड़ों ने नहीं मांगा “द्रविड़-प्रदेश”, अनार्यों ने नहीं मांगा “अनार्यवृत”। पूर्वोत्तर के लोगों से पूछा जाता रहा कि आप कभी “इंडिया” आए हैं और वे मुस्कराकर कहते रहे कि हम “इंडिया” के ही तो हैं, उन्होंने कभी असंतोष से नहीं कहा कि हमें चाहिए सात राज्यों का एक पृथक […]

kahsmir separitist terorist अलगाववादी कश्मीर

कश्मीर एक राजनीतिक नहीं “इस्लामिक” समस्या है

पाकिस्तान की जीत के बाद कश्मीर में ईद मनाई गई. क्यों?  क्या कश्मीर पाकिस्तान है?  नहीं, कश्मीर तो हिंदुस्तान है.  फिर? जवाब बहुत सरल है : क्योंकि कश्मीर “मुसलमान” है. जेएनयू वाले कश्मीर को एक राजनीतिक समस्या बताकर स्वायत्तता और आज़ादी के नारे उछालते रहते हैं. लेकिन वे यह नहीं स्वीकार करते कि कश्मीर मूलतः […]

सच यही है कि 2 अरब मुस्ल‍िमों ने आज वैश्व‍िक सभ्यता को “बंधक” बना रखा है।

सभ्यताओं का स्वरूप कभी स्थानीय हुआ करता था, फिर उनकी अंत:क्रियाएं हुईं, नए “कल्चरल पैटर्न्स” उभरे और यह कोई नई ख़बर नहीं है। अगर आज दुनिया का स्वरूप वैश्वीकृत है, अगर सूचना-तकनीक वैश्व‍िक है, अगर आर्थ‍िक तंत्र वैश्विक संवेदों के आधार पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं तो एक “वैश्व‍िक सभ्यता” की कल्पना क्यों नहीं […]

S.K Nagar Poem

जब मारे गये काफ़िरो की बेटियाँ मुझसे सवाल पूछेंगी…..तुम जवाब दोगे न पिता ?

सुनो पिता ! तुम्हारे कहने पर मैंने अपनी देह पर बम बांध लिया है ! 9 साल की छोटी सी उम्र में इस्लाम पर कुर्बान भी हो जाउंगी ! सुनो पिता ! मैं धर्म को नहीं जानती बस तुम्हे जानती हूँ ! तुम्हारे कहने पर मैंने उन्हें काफिर भी मान लिया है !! सुनो पिता […]

सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं,विषबेल यानि स्लीपर सेल से भी सावधान!

अंग्रेज़ी की एक कहावत है fore warned fore armed यानी अग्रिम चेतावनी मिलना सशस्त्र होना है। हमारे सैनिकों का पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर में स्ट्राइक करना केवल प्रारम्भ है। इस ठुकाई से आतंकवादी विचारधारा की साख दांव पर है और वो इसे सरलता से नहीं डूबने देंगे। हमारे वार को अगर वो चुपचाप पचा […]

फिर पाकिस्तान को भारत नहीं बलोच मारेंगे – पहलवान की कलम से !

फिर पाकिस्तान को भारत नहीं बलोच मारेंगे गाँव में हमारे एक पडोसी के साथ हमारा एक विवाद था । विवाद का कारण था हम दोनों के घरों के बीच पड़ने वाला ज़मीन का एक टुकडा , जिसका कुल एरिया रहा होगा यही कोई 100 गज । 15 साल से ज़्यादा चला वो विवाद । अक्सर […]

ठण्ड रखो भाई ! गर्म खाने से मुह जलता है !

1971 में ईस्ट पाकिस्तान आज के बांग्लादेश में पाकिस्तानी सेना एक साथ 3 दुश्मनों से लड़ रही थी । पहली मुक्ति वाहिनी , दूसरी इंडियन आर्मी और तीसरी ईस्ट पाकिस्तान  की बांग्ला भाषी स्थानीय जनता …… सप्लाई लाइन  कट चुकी थी । स्थानीय सपोर्ट बिलकुल नहीं था । पाकिस्तानी सेना अपनी ही धरती पे विदेशी […]