मनुस्मृति , महर्षि मनु ,संविधान , मनुवाद manusmriti , manuvadi manusmarti

आजकल मनुस्मृति को पढ़ने के बजाय सिर्फ जलाने के लिये ही छापा जाता है !

मनुस्मृति कोई भी समाज चाहे किसी भी अवस्था में हो ,उसपर राजनीति और धर्म इन दोनों का प्रभाव पड़ता है ,जिससे समाज संचालित होता है ,चाहे वो कबीलायी समाज हो,जनपद,महाजनपद का युग हो ,राजतंत्र हो या फिर लोकतंत्र . लोकतंत्र में धर्म का प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम रहता है और कम होना भी चाहिये […]

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1947 में हिंदुस्तान का बंटवारा हिंदुस्तान की हत्या थी वैसा हरगिज़ नहीं होना चाहिए था

“इंडिया” जो कि “भारत” है! रामचंद्र गुहा की किताब “इंडिया आफ़्टर गांधी” यूं तो स्‍वतंत्र भारत का राजनीतिक इतिहास है, लेकिन वह एक रूपक भी है. यह रूपक है : “इंडिया : द अननेचरल नेशन.” किताब में कोई भी सवाल हो : बंटवारे का मसला, रियासतों के विलय का मुद्दा, संविधान सभा में कॉमन सिविल […]

aarya invasion theory आर्य

क्या “आर्य” भारत के मूल निवासी नहीं हैं ?

हाल ही में “द हिंदू” में प्रकाशित एक लेख में टोनी जोसेफ़ ने नई जेनेटिक शोध के माध्यम से यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि आर्य भारत के मूल निवासी नहीं थे। लेख ने एक बार फिर तीखी बहस को जन्म दे दिया है। कई तर्क-प्रतितर्क दिए जा रहे हैं। लेकिन टोनी ने […]

hindustan हिंदुस्तान हिन्दुस्तान कश्मीर बंटवारा इस्लाम

आप पत्थर फेंकने सड़कों पर उतरे,लेकिन कभी नहीं कहा- इस्लाम बाद में हिंदुस्तान पहले

यहीं पर लाज़िम यहीं के मुस्ल‍िम द्रविड़ों ने नहीं मांगा “द्रविड़-प्रदेश”, अनार्यों ने नहीं मांगा “अनार्यवृत”। पूर्वोत्तर के लोगों से पूछा जाता रहा कि आप कभी “इंडिया” आए हैं और वे मुस्कराकर कहते रहे कि हम “इंडिया” के ही तो हैं, उन्होंने कभी असंतोष से नहीं कहा कि हमें चाहिए सात राज्यों का एक पृथक […]

सच यही है कि 2 अरब मुस्ल‍िमों ने आज वैश्व‍िक सभ्यता को “बंधक” बना रखा है।

सभ्यताओं का स्वरूप कभी स्थानीय हुआ करता था, फिर उनकी अंत:क्रियाएं हुईं, नए “कल्चरल पैटर्न्स” उभरे और यह कोई नई ख़बर नहीं है। अगर आज दुनिया का स्वरूप वैश्वीकृत है, अगर सूचना-तकनीक वैश्व‍िक है, अगर आर्थ‍िक तंत्र वैश्विक संवेदों के आधार पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं तो एक “वैश्व‍िक सभ्यता” की कल्पना क्यों नहीं […]

विजय सिंह ठकुराय जीवन उत्पत्ति का सिध्धांत theory of evolution

तो भारतीय ग्रंथो में पहले से वर्णित थी डार्विन थ्योरी (जीवन उत्पत्ति का सिद्धांत )??

●First Evolution Theory Of The World● . जीवन की उत्पत्ति की खोज….हमेशा से मानवो के अनुसंधानों की सूची में प्रथम स्थान पर रही है… जीवो की उत्पत्ति के सन्दर्भ में विश्व में सर्वमान्य सिद्धांत डार्विन के द्वारा दिए गए “Evolution” थ्योरी की कुछ ख़ास बाते आज मैं आपको बताता हूँ . 1: डार्विन वाद के […]