मोहनजोदड़ो , सिंधु घाटी सभ्यता ,हड़प्पा संस्कृति लिपि hadappa sanskriti, mohanjodaro , sindhu ghati sabhyta ,

जिस दिन हड़प्पा लिपि पढ़ी जा सकेगी ,उस दिन मनुष्यता का इतिहास फिर से लिखा जाएगा ?

हड़प्पा संस्कृति और मनुष्यता का इतिहास नेपोलियन तो हिंदुस्तान तक पहुंचने का रास्ता खोजने चला था, लेकिन उसने खोज निकाला ईजिप्त का इतिहास ! यह पुरातत्व की दुनिया की सबसे बड़ी किंवदंती है। नेपोलियन की फ़ौजों के नील नदी की घाटी में क़दम रखने से पहले तक ईजिप्त के पिरामिड, स्फ‍िन्क्स, फ़ैरो सम्राट, तूतेनख़ामन की […]

swami vivekanand saraswati , sikago , books स्वामी विवेकानंद सरस्वती

“विदावेला में विवेकानंद”- स्वामी विवेकानंद के अंतिम पत्र

विदावेला में विवेकानंद स्वामी विवेकानंद की संपूर्ण ग्रंथावली दस खंडों में प्रकाशित है। इसमें पांचवें खंड से प्रारंभ करके नौवें खंड तक पांच कड़ियों में विवेकानंद पत्रावली भी प्रकाशित है। मित्रों, सहचरों और परिजनों को लिखे इन पत्रों से स्वामीजी के व्यक्त‍ित्व का एक अंतरंग और आत्मीय चित्र उभरकर सामने आता है। और जीवन के […]

sushobhit saktawat सुशोभित सक्तावत

फ़ेसबुक को सुशोभित सक्तावत से डर क्‍यों लगता है ?

साथियो, मेरा नाम सुशोभित सक्‍तावत है और मैं नफ़रत का सौदागर नहीं हूं ! मेरा केवल एक ही दोष है : बेईमानी के बियाबान में जितनी घास नहीं उगती, उससे ज़्यादह सवाल मेरे ज़ेहन में उगते हैं! लेकिन यही तो मुसीबत है कि सवालों के जवाब नहीं हैं, उल्टे सवाल पर सवाल हैं! “सवाल पर […]

ताजमहल आगरा tajmahal tazmahal

“ताजमहल” हमारा है, हमें उस पर नाज़ है, और हमेशा रहेगा!

“ताजमहल” हमारा अपना है ! अफ़ज़ाल अहमद की एक नज़्म है, जो हमेशा मेरे ज़ेहन में गूंजती रहती है : “काग़ज़ मराकशियों ने ईजाद किया/हुरूफ़ फ़ोनेशियनों ने/शायरी मैंने ईजाद की!” हर वो चीज़ जो हमारे रोज़मर्रा में शुमार हैं, कहीं ना कहीं, किसी ना किसी ने ईजाद की होती है। सबकुछ किसी एक ने नहीं […]

बंगाल दंगे , bengal riots

बंगाल में उन्हें “सिविल राइट्स” नहीं अपना एक “इस्‍लामिक स्‍टेट” चाहिए

बशीरहाट तो बस झाँकी है बंगाल में जो हो रहा है उस पर किसको अचरज है ? केवल दो तरह के लोगों को : 1) वे जो इतिहास से अनजान हैं। 2) वे जो ख़ुशफ़हमी के शिकार नादान हैं। और बंगाल में जो हो रहा है उस पर कौन बात करने से कतरा रहा है […]

bharat india hindustan भारत इंडिया हिंदुस्तान भारतीय संसद भवन indian

1947 में हिंदुस्तान का बंटवारा हिंदुस्तान की हत्या थी वैसा हरगिज़ नहीं होना चाहिए था

“इंडिया” जो कि “भारत” है! रामचंद्र गुहा की किताब “इंडिया आफ़्टर गांधी” यूं तो स्‍वतंत्र भारत का राजनीतिक इतिहास है, लेकिन वह एक रूपक भी है. यह रूपक है : “इंडिया : द अननेचरल नेशन.” किताब में कोई भी सवाल हो : बंटवारे का मसला, रियासतों के विलय का मुद्दा, संविधान सभा में कॉमन सिविल […]

इजरायल इंडिया india israel

60 लाख यहूदियों के मरने के बाद उन्होंने पूछा- हमारा वतन कहाँ है ?

इज़रायल, इस्लाम और हम 1940 के दशक के बीच में अचानक हंगारी, पोलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्र‍िया के यहूदियों ने पाया था कि वे एक क़तार में खड़े हैं और क़तार ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। यहूदियों के घरों में “गेस्टापो” के जवान घुस जाते और कहते, “बाहर निकलकर क़तार में खड़े हो […]

aarya invasion theory आर्य

क्या “आर्य” भारत के मूल निवासी नहीं हैं ?

हाल ही में “द हिंदू” में प्रकाशित एक लेख में टोनी जोसेफ़ ने नई जेनेटिक शोध के माध्यम से यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि आर्य भारत के मूल निवासी नहीं थे। लेख ने एक बार फिर तीखी बहस को जन्म दे दिया है। कई तर्क-प्रतितर्क दिए जा रहे हैं। लेकिन टोनी ने […]

kahsmir separitist terorist अलगाववादी कश्मीर

कश्मीर एक राजनीतिक नहीं “इस्लामिक” समस्या है

पाकिस्तान की जीत के बाद कश्मीर में ईद मनाई गई. क्यों?  क्या कश्मीर पाकिस्तान है?  नहीं, कश्मीर तो हिंदुस्तान है.  फिर? जवाब बहुत सरल है : क्योंकि कश्मीर “मुसलमान” है. जेएनयू वाले कश्मीर को एक राजनीतिक समस्या बताकर स्वायत्तता और आज़ादी के नारे उछालते रहते हैं. लेकिन वे यह नहीं स्वीकार करते कि कश्मीर मूलतः […]

सच यही है कि 2 अरब मुस्ल‍िमों ने आज वैश्व‍िक सभ्यता को “बंधक” बना रखा है।

सभ्यताओं का स्वरूप कभी स्थानीय हुआ करता था, फिर उनकी अंत:क्रियाएं हुईं, नए “कल्चरल पैटर्न्स” उभरे और यह कोई नई ख़बर नहीं है। अगर आज दुनिया का स्वरूप वैश्वीकृत है, अगर सूचना-तकनीक वैश्व‍िक है, अगर आर्थ‍िक तंत्र वैश्विक संवेदों के आधार पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं तो एक “वैश्व‍िक सभ्यता” की कल्पना क्यों नहीं […]

माइकल जैक्सन michael jackson

“जैक्सन की मौत नहीं हुई थी, वह केवल अपने प्लैनेट वापस लौट गया था !”

जिसने कभी चांद पर चलने की कोशिश की थी __________________________________ “जैक्सन की मौत नहीं हुई थी, वह केवल अपने प्लैनेट वापस लौट गया था !” ये अफ़वाहों और अंधड़ों की कहानी है! अजीब बात है, लेकिन इस कहानी की शुरुआत एक जवान मौत के इर्द-गिर्द होती है… और एक क़त्‍ल के भी. गोया ये अपने […]