The Popular Indian Popular People , Popular Stories

अजमेर रेप काण्ड ajmer rape case 0

अजमेर बलात्कार काण्ड का घिनोना सच ,जिससे आप अनजान होंगे

एक खून की सज़ा फांसी, सौ खून की सज़ा भी फांसी ! ऐसा गब्बर सिंह ने एक फिल्म में कहा था, मगर जरा ये सोच कर बताइये कि अगर एक बलात्कार की सजा दस...

1857 revolt क्रान्ति मेरठ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 0

सीकरी की शहादत : इस पूरे गाँव को अंग्रेजो ने गोलियों से भून डाला था

मेरठ से 13 मील दूर, दिल्ली जाने वाले राज मार्ग पर मोदीनगर से सटा हुआ एक गुमनाम गाँव है-सीकरी खुर्द। 1857 के स्वतन्त्रता संग्राम में इस गाँव ने एक अत्यन्त सक्रिय भूमिका अदा की...

विदेशी नीलोत्पल मृणाल foreigner nilotpal mrinal 0

क्या होगा जब विदेशी भी भारत में भीख मांगने के धंधे में उतर जाएंगे

पिछले साल एक दिन ” ब्रिटेन के मार्टिन को” दिल्ली के कनॉट प्लेस पर गिटार बजा के पैसे इकट्ठे करते देखा था। मैंने उसी दिन अपने साथ के एक मित्र से कहा था कि,...

kahsmir separitist terorist अलगाववादी कश्मीर 0

कश्मीर एक राजनीतिक नहीं “इस्लामिक” समस्या है

पाकिस्तान की जीत के बाद कश्मीर में ईद मनाई गई. क्यों?  क्या कश्मीर पाकिस्तान है?  नहीं, कश्मीर तो हिंदुस्तान है.  फिर? जवाब बहुत सरल है : क्योंकि कश्मीर “मुसलमान” है. जेएनयू वाले कश्मीर को...

गोलगप्पे पानीपूरी golgappe panipuri 0

गोलगप्पे : भारतीय महिलाएं इसके लिए सब कुछ भुला दे !

गोलगप्पे का पता हवा करती है. गोलगप्पे की दोस्ती पुरूषों से कम औरतों से ज्यादा होती है . कहते हैं कि किसी को एक महिला पसंद करे तो वह पति ,पर सैकड़ों महिलाएं जिसे...

0

सच यही है कि 2 अरब मुस्ल‍िमों ने आज वैश्व‍िक सभ्यता को “बंधक” बना रखा है।

सभ्यताओं का स्वरूप कभी स्थानीय हुआ करता था, फिर उनकी अंत:क्रियाएं हुईं, नए “कल्चरल पैटर्न्स” उभरे और यह कोई नई ख़बर नहीं है। अगर आज दुनिया का स्वरूप वैश्वीकृत है, अगर सूचना-तकनीक वैश्व‍िक है,...

bharat bhushan baiju bawra भारत भूषण बैजू बावरा 0

बैंजू बावरा का नायक भारत भूषण, अंतिम दिन चाल में बिताने को मजबूर हुआ ये सुपरस्टार

क्रान्तिभूमि मेरठ में भारत भूषण नाम की दो महान विभूति हुई  हैं , एक भारत भूषण ने साहित्य में झंडे गाडे व दूसरे भारत भूषण ने हिंदी सिनेमा के शिखर को छुआ। 14 जून...

किसान समस्या खेत farmer problem 0

वोट के सौदागर अब किसान को भड़काकर देश को फूंक डालना चाहते हैं

आजादी के बाद जो सवाल कंटीले तारों की तरह कांग्रेस ने उलझाकर मुल्क की छाती पर पीढ़ियों के लिए लहूलुहान करने के लिए धर दिया है उनमे से एक आरक्षण है . ये इतना...

माइकल जैक्सन michael jackson 0

“जैक्सन की मौत नहीं हुई थी, वह केवल अपने प्लैनेट वापस लौट गया था !”

जिसने कभी चांद पर चलने की कोशिश की थी __________________________________ “जैक्सन की मौत नहीं हुई थी, वह केवल अपने प्लैनेट वापस लौट गया था !” ये अफ़वाहों और अंधड़ों की कहानी है! अजीब बात...

2

नार्थईस्ट के लोग भी उतने ही भारतीय हैं जितने बाकी लोग…चायनीज नही है हम !

यूं तो नार्थईस्ट के प्रत्येक ट्राइब्स का भारतीय प्राचीन इतिहास के साथ सीधा सम्बन्ध है .नार्थईस्ट की विभिन्न ट्राइबल ग्रुप्स स्वयं को भारतीय प्राचीन पौराणिक इतिहास के वंशजों से खुद का सम्बन्ध बताते और...

amazon 0

माना कि बाजार है ,मगर बाजारीकरण के बहाने अपनी यौन फंतासियो को क्यों बेच रहे हो?

यह तो बिल्कुल पल्ले दर्जे की नीचता हुई कि ऐशट्रे में स्त्री की वजाइना में सिगरेट की राख झाडी जाये। बडी घिनौनी हरकत यह है की स्त्री के मुहँ के आकार का टाँयलेट बनाकर...

meri beti sunny leoni banna chahti h 0

रामगोपाल वर्मा ने बड़ी बदसूरती से अपनी मन की कुंठा को एक बेटी के मुँह से कहलवाया है

फ़िल्म डायरेक्टर  राम गोपाल वर्मा ने महिला दिवस के उपलक्ष्य में कई ट्वीट किए जिसमें से एक ये था, “मैं चाहता हूँ की दुनिया की हर महिला मर्दों को सनी लीओनी की तरह ख़ुशी...

cow गाय गौहत्या 0

आप उसकी गर्दन नहीं रेत सकते, ना भोजन, ना धर्म, ना अर्थव्यवस्था के लिए

गायें अनंतकाल तक घास पर चलते रहना चाहती हैं ________________________________________ इतालो कल्वीनो के नॉवल “द कासल ऑफ़ द क्रॉस्ड डेस्ट‍िनीज़” में यह “फ़ंतासी” है कि एक दिन पशु जंगलों से आएंगे और मनुष्य को...

1857 revolt meerut, dhan singh kotwal , rao umrao singh gadar 31 may 1857 की क्रांति , धन सिंह कोतवाल राव उमराव सिंह भाटी 0

हिंडन नदी का ऐतिहासिक युद्ध, जब क्रांतिकारियों ने अंग्रेजो का घमंड चकनाचूर किया

आज 31 मई का दिन भारतीय इतिहास में सदा याद किया जाता रहेगा क्योंकि 30 व 31 मई 1857 को ब्रिटिशकालीन भारत में दुनिया की सबसे प्रशिक्षित अंग्रेजी फौज व भारत के क्रान्तिकारियो की...

चौधरी चरण सिंह chaudhary charan singh 0

चौधरी चरण सिंह,जिन्होंने सत्ता का रुख शहर से गाँव की तरफ मोड़ दिया!

चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर विशेष – कोई जीना ही जिंदगी समझा,और फ़साना बन गया कोई अपनी हस्ती मिटाकर ए-अंजुम,अपनी हस्ती बना गया कोई. सुलक्षणा ‘अंजुम’ द्वारा कही गयी उपरोक्त पंक्तियाँ अक्षरशः...