Category: Society & Culture

jammu kashmir gurjar 0

”हिमालय के यायावर” – पढ़िए वतन के कितने वफादार है ये गुर्जर !

लीजिये, पहाड़ के इन गुज्जरो से मिलिए । पहाड की खडी चढाई को हांफ – हांफ कर नही , बल्कि बडी उत्सुकता, बडे उत्साह से पार कर रहे है । जी ये तो चुस्त...

womens day , women empowerment ,महिला दिवस , महिला शशक्तिकरण 0

हक तुमने बुर्के में मांग कर देखा बिकनी में भी… छीन क्यों नहीं लेती पिछवाड़े पर दो लात मार कर!

एक लॉलीपॉप दे दिया गया है महिला दिवस का तुम्हें और चहक उठी हो तुम ये तुम्हारा दिन है, सम्मान है महानता है । औकात भुला कर तुम पर थूकने वाले हक दे रहे...

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दिल्ली के गुर्जर नहीं देंगे जेएनयू के छात्रो को घर, नहीं चाहिए राष्ट्रविरोधी किरायेदार !

पिछले साल जेएनयू में हुए देशद्रोही घटनाक्रम के बाद जेएनयू की साख पर ऐसा कलंक लग गया है कि यूनिवर्सिटी के छात्रो को किराए पर घर मिलने भी बंद होने लगे है | अभी रामजस...

असित कुमार मिश्र , लेखक क्लब , कहानी , हिन्दी कहानिया , 0

वोट फाॅर दुलारी भौजी … (कहानी) – असित कुमार मिश्र की कलम से

वोट फाॅर दुलारी भौजी … (कहानी) कोईरी टोला की दुलारी भौजी ने बीडीसी का पर्चा भर दिया है। पूरा गाँव दुलारी को भौजी ही कहता है। और गांव के बड़े – बूढ़े ही नहीं,...

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बाहर जाकर “भूला भटका कश्मीरी नौजवान” फिर सवाल नहीं बल्कि पत्थर ही उठाएगा

BBKN : भूला भटका कश्मीर का नौजवान मुझे अपनी पड़दादी का चेहरा अच्छी तरह ध्यान है। चेहरे पर बुढ़ापे के कारण झुर्रियाँ थी लेकिन वैसे फिट थीं। मेरे बड़े बाबा का घर हमारे घर...

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याद रखिएगा कि किसी भी भाषा की कब्र पर दूसरी भाषा नहीं जन्मती !

कई दिनों से भोजपुरी और हिंदी में लड़ाई चल रही है। सुश्री भोजपुरी जी का कहना है कि मेरे पास मेरा साहित्य मेरे लोकधर्म मेरे लेखक विचारक सब हैं सबसे ज्यादा बोली जाने वाली...

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बाएँ बाजू पर खसरे की सूई का निशान आपके युद्ध का पहला मैडल है !

पार्थ! युद्धाय कृतनिश्चय: …. शुकुल सर का नाम सुने हैं आप! क्या कहा – नहीं! तब बलिया को अभी जाने ही नहीं आप।बलिया के ही हैं शुकुल सर। शुकुल सर हैं तो संस्कृत है,...

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भारत को हजारों विकलांग स्वीकार हैं… लेकिन नपुंसक एक भी नहीं ! पढ़िए असित कुमार मिश्र का आलेख !

उरी में हमारे जवानों की शहादत के बाद से ही युद्ध के पक्ष – विपक्ष में काफ़ी कुछ लिखा गया और लिखा जाएगा।कुछ लोग तो बाकायदे युद्ध की विभीषिका से डराने लगे थे। कुछ...

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एक मौका तो उसे भी मिलना चाहिए था ? – असित कुमार मिश्र की कलम से

ये रहा रियो वाला मैडल…. हफ्ते भर से रियो में मैडल की तलाश जारी है। मुझसे भी एक दो मित्रों ने पूछा कि असित भाई रियो वाला मैडलवा कहाँ है? देखिए! खेलों की बहुत...

दर्द सहने का उद्योग,जो महिलाओं के इस भाव और पुरुषों के इस विचार की कमाई खाता है ! 

देखा है कि कुछ स्त्रियों को कि कैसे अच्छी लगती है उन्हें बेबसी ! लाचारी, गिड़गिड़ाना ? कहती हैं – “टाई मी अप” …मुझ पर हावी हो जाओ। दर्द सहने का अपना एक नशा...

कुठाओं में दबी खामोश चरित्रशील औरत या मन से ठहाके लगाकर हंसती चरित्रहीन औरत ?

    हां मुझे भी चरित्रहीन औरतें पसंद हैं… बेहद… बेहद.. खूबसूरत होतीं है वो। बेबाक, बेपर्दा, स्वतंत्र और उनमुक्त… कि उनका कोई चरित्र नहीं होता। केवल चरित्रहीन औरतें ही खूबसूरत होती हैं। पिजरे...

घूंघट और बुरखे से बाहर आती ग्लैमरस गुड़िया – मेघा मैत्रेय का आलेख

  कोई औरत क्या पहनती है इस वजह से किसी का कोई हक नहीं बनता उसके साथ बदतमीजी करने का लेकिन कपड़ा हो या व्यवहार हर चीज में एक बैलेंस जरूरी है। अब एक...

सैफ-करीना इस महाबली जोगराज सिंह गुर्जर की कहानी पढ़ लेते तो तैमूर नाम नही रखते !

ये कहानी है महाबली जोगराज गुर्जर और उन हजारो योद्धाओ की जिन्होंने उस निर्दयी और अत्याचारी विदेशी हमलावर तैमूर को हरिद्वार  में न घुसने देने की कसम खायी | और जिसके लिए हजारो योद्धाओं...

लेखक क्लब उजबक देहाती विकामी हिन्दी कहानियां hindi story articles 0

सिस्टम ! तुमने अनपढों का, कामगारों का, मुझ जैसे पढ़े-लिखे बेरोजगारों का मज़ाक बनाया !

प्रिय दोस्तों. मैं जानता हूँ कि मैं कोई राजनेता, कोई सेलिब्रिटी या फिर कोई बड़ा दार्शनिक नहीं हूँ. मैं यह भी जानता हूँ कि आपमें से अधिकांश मेरे इस लेख पर मेरा उपहास उड़ाएंगे....