मेरठ वालो से बचिए, पता नहीं किसके सर पर 5 करोड़ का इनाम रख दे !

क्रांतिधरा मेरठ ऐंवई नहीं नाम के साथ बदनामी लेकर चलती है। एक से एक तीस मार खां बसते हैं यहाँ। ताजा उदाहरण मेरठ के कोई साहब है अब पता नहीं किस झोंक में जनाब ने 5 करोड़ का ईनाम भंसाली और दीपिका के सिर पर रख दिया। सिर कलम करने के एवज में तगडा ईनाम […]

मोहनजोदड़ो , सिंधु घाटी सभ्यता ,हड़प्पा संस्कृति लिपि hadappa sanskriti, mohanjodaro , sindhu ghati sabhyta ,

जिस दिन हड़प्पा लिपि पढ़ी जा सकेगी ,उस दिन मनुष्यता का इतिहास फिर से लिखा जाएगा ?

हड़प्पा संस्कृति और मनुष्यता का इतिहास नेपोलियन तो हिंदुस्तान तक पहुंचने का रास्ता खोजने चला था, लेकिन उसने खोज निकाला ईजिप्त का इतिहास ! यह पुरातत्व की दुनिया की सबसे बड़ी किंवदंती है। नेपोलियन की फ़ौजों के नील नदी की घाटी में क़दम रखने से पहले तक ईजिप्त के पिरामिड, स्फ‍िन्क्स, फ़ैरो सम्राट, तूतेनख़ामन की […]

मनुस्मृति , महर्षि मनु ,संविधान , मनुवाद manusmriti , manuvadi manusmarti

आजकल मनुस्मृति को पढ़ने के बजाय सिर्फ जलाने के लिये ही छापा जाता है !

मनुस्मृति कोई भी समाज चाहे किसी भी अवस्था में हो ,उसपर राजनीति और धर्म इन दोनों का प्रभाव पड़ता है ,जिससे समाज संचालित होता है ,चाहे वो कबीलायी समाज हो,जनपद,महाजनपद का युग हो ,राजतंत्र हो या फिर लोकतंत्र . लोकतंत्र में धर्म का प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम रहता है और कम होना भी चाहिये […]

बाल सरक्षण बालाधिकार child rights child abuse

“ताकि जिंदा रहे बचपन”-कितनी बार इन हत्याओं के खिलाफ हम एकजुट हुए है ?

सुबह त्रयाक्ष को स्कूल भेजते वक़्त मेरी आँखों में सितारे होते हैं. न चाहते हुए भी उस वक़्त उठना पड़ता है जब नींद सबसे ज्यादा गहरी होती है. आँखें मलते बच्चे को तैयार करके स्कूल शायद मुझ जैसी सारी माँओं की दिन की पहली ड्यूटी होती है. जिस प्यार से हम अपने बच्चों को सुबह […]

बाल सरक्षण बालाधिकार child rights child abuse

“ताकि जिंदा रहे बचपन”-भारत का बचपन बचाइए,तभी सत्य की नींव पड़ेगी

एक स्टडी के अनुसार भारत के 53 प्रतिशत बच्चे शोषण के शिकार हैं। ऐसी स्टडी अक्सर अनुमान होती है, कम भी हो सकती है, ज्यादा भी। एक तीन साल की बच्ची जाँघ पर लाल निशान लिए आती है। मैं पूछता हूँ, कहती है गिर गई। पर डॉक्टर हूँ तो निशान समझता हूँ कि यह तभी […]

karna mahabharat कर्ण परसुराम महाभारत परशुराम

जब परशुराम ने कर्ण को धनुर्विद्या न देने के कारण बताये

“एक सूतपुत्र पर एक ब्राह्मण का अन्याय, क्यों??” _________________ गुरु परशुराम गहरी निद्रा में थे, लेकिन कुछ गीला सा स्पर्श होते ही चौंक कर खड़े हो गए और कह उठे,.. “यह सब क्या है ज्ञानमित्र?” कर्ण ने सम्पूर्ण विनय के साथ कहा, “गुरुवर, आप मेरी गोद में गहरी निद्रा में रत थे। तभी कोई कीट […]

ताजमहल आगरा tajmahal tazmahal

“ताजमहल” हमारा है, हमें उस पर नाज़ है, और हमेशा रहेगा!

“ताजमहल” हमारा अपना है ! अफ़ज़ाल अहमद की एक नज़्म है, जो हमेशा मेरे ज़ेहन में गूंजती रहती है : “काग़ज़ मराकशियों ने ईजाद किया/हुरूफ़ फ़ोनेशियनों ने/शायरी मैंने ईजाद की!” हर वो चीज़ जो हमारे रोज़मर्रा में शुमार हैं, कहीं ना कहीं, किसी ना किसी ने ईजाद की होती है। सबकुछ किसी एक ने नहीं […]

हिन्दी कहानी , गीताली सैकिया , लेखक क्लब , hindi story lekhak club geetali saikia

एक बार हमारे जूते में पैर रखिये, पहन कर चलिए, फिर घावों का इलाज़ बताइयेगा

गांधी जी चंपारण नहीं पहुँचते तो शायद अपना पहला सत्याग्रह नहीं शुरू कर पाते. ग्राउंड जीरो पर किसानों की समस्या का स्वयं अनुभव करने के बाद ही वह अपनी बातों को पुख्ता तरीके से रख पाने में कामयाब हो पाए. नेल्सन मंडेला अगर खुद ऑपरेस्ड सोसाइटी से नहीं आते तो दक्षिण अफ्रीका की व्यवस्था में […]

aarya invasion theory आर्य

क्या “आर्य” भारत के मूल निवासी नहीं हैं ?

हाल ही में “द हिंदू” में प्रकाशित एक लेख में टोनी जोसेफ़ ने नई जेनेटिक शोध के माध्यम से यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि आर्य भारत के मूल निवासी नहीं थे। लेख ने एक बार फिर तीखी बहस को जन्म दे दिया है। कई तर्क-प्रतितर्क दिए जा रहे हैं। लेकिन टोनी ने […]

hindustan हिंदुस्तान हिन्दुस्तान कश्मीर बंटवारा इस्लाम

आप पत्थर फेंकने सड़कों पर उतरे,लेकिन कभी नहीं कहा- इस्लाम बाद में हिंदुस्तान पहले

यहीं पर लाज़िम यहीं के मुस्ल‍िम द्रविड़ों ने नहीं मांगा “द्रविड़-प्रदेश”, अनार्यों ने नहीं मांगा “अनार्यवृत”। पूर्वोत्तर के लोगों से पूछा जाता रहा कि आप कभी “इंडिया” आए हैं और वे मुस्कराकर कहते रहे कि हम “इंडिया” के ही तो हैं, उन्होंने कभी असंतोष से नहीं कहा कि हमें चाहिए सात राज्यों का एक पृथक […]

अजमेर रेप काण्ड ajmer rape case

अजमेर बलात्कार काण्ड का घिनोना सच ,जिससे आप अनजान होंगे

एक खून की सज़ा फांसी, सौ खून की सज़ा भी फांसी ! ऐसा गब्बर सिंह ने एक फिल्म में कहा था, मगर जरा ये सोच कर बताइये कि अगर एक बलात्कार की सजा दस साल की जेल हो तो सौ बलात्कार की सजा क्या देंगे ? क्या हुआ, भावनाएं आहत हो गई ऐसे भद्दे सवाल […]

विदेशी नीलोत्पल मृणाल foreigner nilotpal mrinal

क्या होगा जब विदेशी भी भारत में भीख मांगने के धंधे में उतर जाएंगे

पिछले साल एक दिन ” ब्रिटेन के मार्टिन को” दिल्ली के कनॉट प्लेस पर गिटार बजा के पैसे इकट्ठे करते देखा था। मैंने उसी दिन अपने साथ के एक मित्र से कहा था कि, अब “भारतीय भिखमंगनी उद्योग” को कड़ी चुनौती मिलने वाली है। मुझे महसूस हुआ था कि, जल्द ही हर क्षेत्र की भांति […]

गोलगप्पे पानीपूरी golgappe panipuri

गोलगप्पे : भारतीय महिलाएं इसके लिए सब कुछ भुला दे !

गोलगप्पे का पता हवा करती है. गोलगप्पे की दोस्ती पुरूषों से कम औरतों से ज्यादा होती है . कहते हैं कि किसी को एक महिला पसंद करे तो वह पति ,पर सैकड़ों महिलाएं जिसे पसंद करें तो वह गोलगप्पे वाला होता है . महिलाएं जितनी बार उसे भईया कहती हैं ,उतनी बार तो अपने सगे […]

सच यही है कि 2 अरब मुस्ल‍िमों ने आज वैश्व‍िक सभ्यता को “बंधक” बना रखा है।

सभ्यताओं का स्वरूप कभी स्थानीय हुआ करता था, फिर उनकी अंत:क्रियाएं हुईं, नए “कल्चरल पैटर्न्स” उभरे और यह कोई नई ख़बर नहीं है। अगर आज दुनिया का स्वरूप वैश्वीकृत है, अगर सूचना-तकनीक वैश्व‍िक है, अगर आर्थ‍िक तंत्र वैश्विक संवेदों के आधार पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं तो एक “वैश्व‍िक सभ्यता” की कल्पना क्यों नहीं […]

नार्थईस्ट के लोग भी उतने ही भारतीय हैं जितने बाकी लोग…चायनीज नही है हम !

यूं तो नार्थईस्ट के प्रत्येक ट्राइब्स का भारतीय प्राचीन इतिहास के साथ सीधा सम्बन्ध है .नार्थईस्ट की विभिन्न ट्राइबल ग्रुप्स स्वयं को भारतीय प्राचीन पौराणिक इतिहास के वंशजों से खुद का सम्बन्ध बताते और उनका प्रमाण दर्शाते हैं. उनकी पूजा पध्ह्द्तियाँ , संस्कार और रीतियों में पौराणिक पात्रों और घटनाओं से उनके सम्बन्ध साफ़ बयाँ […]