तिब्बती शरणार्थी -उनकी लड़ाई पहचान की है जो नागरिकता लेने के फायदे से ज्यादा बड़ी है

तिब्बती बड़े धार्मिक और ट्रेडिशनल किस्म के लोग होते हैं। इसीलिये आश्चर्य नहीं है कि वहाँ हर दूसरे परिवार का कोई सदस्य बौद्ध भिक्षु या monk बन जाता है। जब चीन तिब्बत में घुसा तो इन शांतिप्रिय लोगों को सही से लड़ना आया ही नहीं। चीन जैसे बड़े देश के सामने कोई बिसात भी नहीं […]

1857 की क्रांति: वो युद्ध जो वर्षो के शोषण के खिलाफ आम जनमानस ने लड़ा !

10 मई को शुरू हुई 1857 की क्रांति में आम जनमानस की बड़ी भूमिका रही थी | ये क्रांति वर्षो से शोषण से उपजे असंतोष के खिलाफ किसानो और मजदूरों की लड़ाई थी  | मेरठ में धन सिंह कोतवाल और राव कदम सिंह नागर के नेतृत्व में बिगुल बज चुका था और बगावती सैनिक, किसानो […]

क्या इस्लामिस्तान बनने की राह पर है असम? अवैध बांग्लादेशियों के कारण खतरे में पूर्वोत्तर !

असम में इस्लामिक हस्तक्षेप असम की आबादी का एक तिहाई भाग मुस्लिम आबादी है  | यह एक ऐसा राज्य है जिसमें पिछली जनगणना (2011) में देश में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी में वृद्धि देखी गयी है। बांग्लादेश की सीमा के अधिकांश जिलों में मुसलमान पहले ही बहुमत बन गए हैं। चाहे यह विकास माइग्रेशन के […]

जानिए कौन है कश्मीर का गुज्जर बक्करवाल समुदाय,जिन्हें अलगाववादी अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते है

ऊँची नाक और लम्बी काली या सफ़ेद पगड़ी वाले गुज्जर (गुर्जर )कश्मीर की पहाडियों में आसानी से देखें जा सकते हैं अकसर जो अपने पशुओं ,घोड़ों व खूँखार कुत्तों को लिये हुए घुमक्कड़ जीवन जीते हैं।सारे गुज्जर घुमक्कड़ नहीं हैं बल्कि गुर्जरों का एक धड़ा ही घुमन्तु रूप में परंपरागत जिंदगी जी रहा है जिसे […]

लेनिन मूर्ति त्रिपुरा lenin statue tripura

लेनिन का पुतला वहां पर क्यों था, पहले इसका जवाब दीजिए बाक़ी बातें बाद में की जाएंगी!

सब ताज उछाले जाएंगे / सब तख़्त गिराए जाएंगे जब लेनिन का पुतला गिराया गया तब जाकर मुल्क को मालूम हुआ कि वहां पर लेनिन का कोई पुतला भी था! और तब, यार लोगों ने ठहरकर पूछा, एक मिनट, यू मीन, लेनिन का पुतला? और वो भी इंडिया में? क्यूं भला? लेनिन ने इंडिया के […]

मेरा भरोसा है कि जब तक परवाह करने वाले ऐसे बेनामी रिश्ते जिंदा हैं, दुनिया बची रहेगी।

जब आप करोलबाग मेट्रो से उतरेंगे तो रिक्सेेवालों का एक झुंड आपको अपनी तरफ खिंचेगा। उस झुंड में एक बूढ़ा भी होगा, मटमैले कुर्ते के ऊपर चटकते बैगनी जैकेट में। समय के साथ उसके दाँतों ने उसका साथ छोड़ दिया पर इससे उसके आवाज को कोई फर्क नहीं पड़ा है। वह सामान्य से ज्यादा आवाज […]

mahatma gandhi , nathuram godse , महात्मा गाँधी , नाथूराम गोडसे

गोडसे और गांधी दोनों मेरे हैं क्योंकि मैं हिन्दू हूँ.

गोडसे और गांधी दोनों मेरे हैं क्योंकि मैं हिन्दू हूँ ! हम कई बार इतिहास को महज इसलिए बंद नजरिये से पढ़ते हैं या देखते हैं कि लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे. गांधी-गोडसे प्रकरण भी इतिहास की ऐसी ही त्रासदी है. हममें से अधिकांश ऐसे हैं जो गांधी-गोडसे प्रकरण के सामने आते ही निरुत्तर, […]

मोहनजोदड़ो , सिंधु घाटी सभ्यता ,हड़प्पा संस्कृति लिपि hadappa sanskriti, mohanjodaro , sindhu ghati sabhyta ,

जिस दिन हड़प्पा लिपि पढ़ी जा सकेगी ,उस दिन मनुष्यता का इतिहास फिर से लिखा जाएगा ?

हड़प्पा संस्कृति और मनुष्यता का इतिहास नेपोलियन तो हिंदुस्तान तक पहुंचने का रास्ता खोजने चला था, लेकिन उसने खोज निकाला ईजिप्त का इतिहास ! यह पुरातत्व की दुनिया की सबसे बड़ी किंवदंती है। नेपोलियन की फ़ौजों के नील नदी की घाटी में क़दम रखने से पहले तक ईजिप्त के पिरामिड, स्फ‍िन्क्स, फ़ैरो सम्राट, तूतेनख़ामन की […]

बीटल्स बैंड का मशहूर किस्सा जो जुडा है भारत के ऋषिकेश से

ये किस्सा है बीसवी सदी के सबसे बडे राँक बैंड द बीटल्स के भारत भ्रमण का ,जब ब्रितानी पाँप बैंड  द बीटल्स पूरी दुनिया में करोडो दिलो पर अपनी जादुई धुन से राज कर रहा था। साठ के दशक में चार युवाओ के इस बैंड ने वो करिश्मा रचा कि लीवरपूल के इस बैंड ने […]

bharat india hindustan भारत इंडिया हिंदुस्तान भारतीय संसद भवन indian

1947 में हिंदुस्तान का बंटवारा हिंदुस्तान की हत्या थी वैसा हरगिज़ नहीं होना चाहिए था

“इंडिया” जो कि “भारत” है! रामचंद्र गुहा की किताब “इंडिया आफ़्टर गांधी” यूं तो स्‍वतंत्र भारत का राजनीतिक इतिहास है, लेकिन वह एक रूपक भी है. यह रूपक है : “इंडिया : द अननेचरल नेशन.” किताब में कोई भी सवाल हो : बंटवारे का मसला, रियासतों के विलय का मुद्दा, संविधान सभा में कॉमन सिविल […]

इजरायल इंडिया india israel

60 लाख यहूदियों के मरने के बाद उन्होंने पूछा- हमारा वतन कहाँ है ?

इज़रायल, इस्लाम और हम 1940 के दशक के बीच में अचानक हंगारी, पोलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्र‍िया के यहूदियों ने पाया था कि वे एक क़तार में खड़े हैं और क़तार ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। यहूदियों के घरों में “गेस्टापो” के जवान घुस जाते और कहते, “बाहर निकलकर क़तार में खड़े हो […]

विजयंत थापर रुख्शाना capt vijyant thapar

आजम खान बकवास करने से पहले कश्मीरी बच्ची की ये कहानी पढ़ लेना

आजम खान को एक सच्ची कहानी सुनाना चाहता हूं..।। 1999..।। एक महज 22 साल का लडका जिसको भारतीय फौज ज्वाईन किये मुश्किल से एक साल हुआ था….उसकी बटालियन 2 राजपूताना राईफल्स को कश्मीर के कुपवाडा मे पाकिस्तानी आतंकवाद का सामना करने हेतु तैनात किया गया। कुपवाडा मे पोस्टिंग के दौरान ये बहादुर फौजी आये दिन […]

1857 revolt क्रान्ति मेरठ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम

सीकरी की शहादत : इस पूरे गाँव को अंग्रेजो ने गोलियों से भून डाला था

मेरठ से 13 मील दूर, दिल्ली जाने वाले राज मार्ग पर मोदीनगर से सटा हुआ एक गुमनाम गाँव है-सीकरी खुर्द। 1857 के स्वतन्त्रता संग्राम में इस गाँव ने एक अत्यन्त सक्रिय भूमिका अदा की थी ।  10 मई 1857 को देशी सैनिक ईस्ट इण्डिया कम्पनी की सरकार के विरूद्ध संघर्ष (1857 क्रांति) की शुरूआत कर […]

माइकल जैक्सन michael jackson

“जैक्सन की मौत नहीं हुई थी, वह केवल अपने प्लैनेट वापस लौट गया था !”

जिसने कभी चांद पर चलने की कोशिश की थी __________________________________ “जैक्सन की मौत नहीं हुई थी, वह केवल अपने प्लैनेट वापस लौट गया था !” ये अफ़वाहों और अंधड़ों की कहानी है! अजीब बात है, लेकिन इस कहानी की शुरुआत एक जवान मौत के इर्द-गिर्द होती है… और एक क़त्‍ल के भी. गोया ये अपने […]

1857 revolt meerut, dhan singh kotwal , rao umrao singh gadar 31 may 1857 की क्रांति , धन सिंह कोतवाल राव उमराव सिंह भाटी

हिंडन नदी का ऐतिहासिक युद्ध, जब क्रांतिकारियों ने अंग्रेजो का घमंड चकनाचूर किया

आज 31 मई का दिन भारतीय इतिहास में सदा याद किया जाता रहेगा क्योंकि 30 व 31 मई 1857 को ब्रिटिशकालीन भारत में दुनिया की सबसे प्रशिक्षित अंग्रेजी फौज व भारत के क्रान्तिकारियो की उत्साही सेना का मुकाबला गाजियाबाद में बहती हिंडन नदी के तट पर हुआ था। तब हिंडन हरनंदी नदी कहलाती थी व […]