Category: Humour

विदेशी नीलोत्पल मृणाल foreigner nilotpal mrinal 0

क्या होगा जब विदेशी भी भारत में भीख मांगने के धंधे में उतर जाएंगे

पिछले साल एक दिन ” ब्रिटेन के मार्टिन को” दिल्ली के कनॉट प्लेस पर गिटार बजा के पैसे इकट्ठे करते देखा था। मैंने उसी दिन अपने साथ के एक मित्र से कहा था कि,...

गोलगप्पे पानीपूरी golgappe panipuri 0

गोलगप्पे : भारतीय महिलाएं इसके लिए सब कुछ भुला दे !

गोलगप्पे का पता हवा करती है. गोलगप्पे की दोस्ती पुरूषों से कम औरतों से ज्यादा होती है . कहते हैं कि किसी को एक महिला पसंद करे तो वह पति ,पर सैकड़ों महिलाएं जिसे...

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दिल्ली का मुख्यमंत्री किसी डोम को बना दीजिये, वो किसी के बच्चो के मरने की कामना नहीं करता!

एक होता है डोम ::: …. जब कभी आप किसी बैकुण्ठ धाम या मणिकर्णिका पर अंतिम संस्कार में जाते हैं तो वहां का डोम कुछ मांग रखता है जिसके बदले वो सर में लाठी...

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बाहर जाकर “भूला भटका कश्मीरी नौजवान” फिर सवाल नहीं बल्कि पत्थर ही उठाएगा

BBKN : भूला भटका कश्मीर का नौजवान मुझे अपनी पड़दादी का चेहरा अच्छी तरह ध्यान है। चेहरे पर बुढ़ापे के कारण झुर्रियाँ थी लेकिन वैसे फिट थीं। मेरे बड़े बाबा का घर हमारे घर...

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याद रखिएगा कि किसी भी भाषा की कब्र पर दूसरी भाषा नहीं जन्मती !

कई दिनों से भोजपुरी और हिंदी में लड़ाई चल रही है। सुश्री भोजपुरी जी का कहना है कि मेरे पास मेरा साहित्य मेरे लोकधर्म मेरे लेखक विचारक सब हैं सबसे ज्यादा बोली जाने वाली...

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फिर पाकिस्तान को भारत नहीं बलोच मारेंगे – पहलवान की कलम से !

फिर पाकिस्तान को भारत नहीं बलोच मारेंगे गाँव में हमारे एक पडोसी के साथ हमारा एक विवाद था । विवाद का कारण था हम दोनों के घरों के बीच पड़ने वाला ज़मीन का एक...

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ठण्ड रखो भाई ! गर्म खाने से मुह जलता है !

1971 में ईस्ट पाकिस्तान आज के बांग्लादेश में पाकिस्तानी सेना एक साथ 3 दुश्मनों से लड़ रही थी । पहली मुक्ति वाहिनी , दूसरी इंडियन आर्मी और तीसरी ईस्ट पाकिस्तान  की बांग्ला भाषी स्थानीय...

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“खाट पर चर्चा” – कब तक चलेगा यह मुफ्त का खेल ??

ढाई आखर मुफ़्त के… इश्क़ भी ढ़ाई आखर का होता है, और मुफ्त भी ढाई आखर का। लेकिन जबसे लोगों ने दिल को ‘प्रियतम का घर’ के बजाए ‘आवास विकास कालोनी’ समझ लिया, तबसे...

रविश कुमार रवीश कुमार हिन्दी लेख hindi articles , story , ravish kumar 0

एक बात कहूँ जानेमन ? तुम बहुत बदसूरत हो एकदम आत्मा के भीतर तक ! -रवीश के नाम खुला ख़त !

अच्छा सुनो न ! तुम्हीं ने बताया था न जानेमन कि स्वतंत्रता हमारा संवैधानिक हक़ है  ?   मैंने मान भी तो लिया था ! मैंने स्वतंत्र होकर बिल्कुल खुले मन से तुम्हें जाँचा-परखा...

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पंडित राहुल गांधी ! ये क्या नया लोचा है भाई ?? – पहलवान की कलम से

Trinidad & Tobago नामक एक देश में वासुदेव पाण्डेय नाम के एक प्रधान मंत्री हुए । जैसा कि नाम से ही लगता है , भारतीय मूल के थे । उस ज़माने में British India...