पीरियड्स : अब क्रांति सड़ाध मारने लगी है !

यहाँ fb पर कोई जो ऐसा महीना निकल आये जब पीरियड्स पर क्रांति नहीं होती हो। पीरियड्स क्या है इसे समझने के लिये कक्षा आठ की बायोलॉजी की किताब काफी है, तो इसके वैज्ञानिक पक्ष पर बात करने का कोई मतलब नहीं है मेरे लिये | पर अब क्रांति सड़ाध मारने लगी है, अतः इसके […]

tseries vs pewdiepie टी सीरीज

भारत क्या तुम हारोगे ? इट्स पर्सनल नाउ !

#भारत_क्या_तुम_हारोगे साल भर हुये जब विवाद हुआ था पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर। एक बड़ा समूह ऐसी-ऐसी थ्योरी लेकर आया मानो कलाकार इंसान नहीं हैं, बल्कि दिव्य प्रकाश पुंज जैसी कोइ चीज हैं, जिनसे सिर्फ गाना और नृत्य निकलता है। उससे बाहर उनकी कोई सोच नहीं होती, जब पक्ष लेने की बात आयेगी तो वो अपने […]

award wapsi gang अवार्ड वापसी नसीरुद्दीन शाह

नसरूद्दीन शाह को हिन्दुस्तान में डर क्यों लगता है ?

डियर नसरूद्दीन शाह, शायद आपने नवोदय विद्यालय का नाम सुना होगा। केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाला आवासीय विद्यालय है जोकि देश के बहुत से शहरों में है। मेरे पिता नवोदय विद्यालय में शिक्षक हैं तो मेरा पूरा जीवन नवोदय के कैम्पस में बीता है। पापा की पोस्टिंग के चक्कर में देश के कई अच्छे-बुरे […]

तिब्बती शरणार्थी -उनकी लड़ाई पहचान की है जो नागरिकता लेने के फायदे से ज्यादा बड़ी है

तिब्बती बड़े धार्मिक और ट्रेडिशनल किस्म के लोग होते हैं। इसीलिये आश्चर्य नहीं है कि वहाँ हर दूसरे परिवार का कोई सदस्य बौद्ध भिक्षु या monk बन जाता है। जब चीन तिब्बत में घुसा तो इन शांतिप्रिय लोगों को सही से लड़ना आया ही नहीं। चीन जैसे बड़े देश के सामने कोई बिसात भी नहीं […]

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जिंदगी से इतनी लड़ाई के सालों बाद आज वह फिर डिप्रेसन में है !

एक लड़की है। माँ की मौत के बाद पिता ने ज्यादा मतलब नहीं रखा। सौतेली माँ के अत्याचार से लेकर रिश्तेदार द्वारा यौन शोषण, यानी हर उस नर्क से गुजरी जो किसी बच्चे को मानसिक रूप से बर्बादी तक पहुंचाने के लिये पर्याप्त हो। बारहवीं पास करते-करते ड्रग्स की आदि हो चुकी थी। कॉलेज में […]

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हमें बेहतर दुनियां बनानी है तो इन सरदारों से हमें सीखना पड़ेगा !

बांग्ला साहिब गयी थी अपने दोस्तों के साथ। पहुँचते ही चप्पल-जूते रखने वाले काउंटर पर पहुँचे। सैकड़ो चप्पल इधर से उधर हो रहे थे और करीब आठ-दस सरदार जी इस काम में लगे हुये थे। मैंने अपनी सैंडिल काउंटर पर रखा ही कि बिल्कुल चुन्नू से हाथों ने इसे दबोच लिया। मेरे मुँह से दर्द […]

grahlaxmi brestfeeding women गृहलक्ष्मी पत्रिका स्तनपान

घूरना इस देश की समस्या है लेकिन गृहलक्ष्मी ने सिर्फ स्तनपान कराती माँ की तस्वीर नहीं लेना चाहा है।

फोटोग्राफी हमेशा से पसन्द रही है मुझे। अब इंसानी भाव को कैप्चर करना सीखने का एक फ्री का अच्छा उपाय यह है कि आप America’s next top model जैसे प्रोग्राम के देख डाले। फैशन इंडस्ट्री ज्यादातर लोगों के दिमाग में “superficial” चीज है, पर ध्यान से देखने पर पता चलता है कि कितना सूक्ष्म अंतर […]

मेरा भरोसा है कि जब तक परवाह करने वाले ऐसे बेनामी रिश्ते जिंदा हैं, दुनिया बची रहेगी।

जब आप करोलबाग मेट्रो से उतरेंगे तो रिक्सेेवालों का एक झुंड आपको अपनी तरफ खिंचेगा। उस झुंड में एक बूढ़ा भी होगा, मटमैले कुर्ते के ऊपर चटकते बैगनी जैकेट में। समय के साथ उसके दाँतों ने उसका साथ छोड़ दिया पर इससे उसके आवाज को कोई फर्क नहीं पड़ा है। वह सामान्य से ज्यादा आवाज […]

पोस्टपार्टम डिप्रेशन-कहीं आप तो नहीं इस गंभीर बीमारी की शिकार!

दुनिया के दो सबसे मशहूर शब्द हैं ‘मां’ और ‘प्यार’..ज्यादातर लोगों के लिए आपस में पर्यायवाची जैसे.. मातृत्व पर हमने बहुत कुछ लिख-पढ़ डाला पर अपने बच्चों के लिए फूल सी कोमल और उसपर आये खतरों के लिए चंडी से ज्यादा खतरनाक माँ, शब्दों से शायद परे ही रहेगी..लेकिन माँ को भगवान का दर्जा देते […]

घूंघट और बुरखे से बाहर आती ग्लैमरस गुड़िया – मेघा मैत्रेय का आलेख

  कोई औरत क्या पहनती है इस वजह से किसी का कोई हक नहीं बनता उसके साथ बदतमीजी करने का लेकिन कपड़ा हो या व्यवहार हर चीज में एक बैलेंस जरूरी है। अब एक ऐसा ग्रुप आ गया है जोकि बैलेंस की बात नहीं करता। उन्हें बिलकुल नहीं दिख रहा कि समाज में आया नंगापन […]